- टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का द्वितीय चरण - सांसद संपर्क एवं सांसद समर्थन अभियान शुरू
- 5 जुलाई तक देश के सभी राज्यों के राज्य सभा व लोकसभा सांसदों से संपर्क कर उन्हें ज्ञापन सौंपकर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु समर्थन करने का किया जाएगा आग्रह
लखनऊ : राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता जी की अध्यक्षता एवम् राष्ट्रीय महामंत्री प्रोफेसर गीता भट्ट जी के संचालन में सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष ,महामंत्री एवम् राष्ट्रीय पदाधिकारियों की आभासी पटल पर बैठक सम्पन्न की जिसमें अखिल भारतीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर जी , वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार जी, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री मोहन राजपुरोहित जी सहित पूरे देश भर के प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री, संगठन मंत्री उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु देश के सभी राज्य सभा व लोकसभा सांसदों से 5 जुलाई 2026 तक सम्पर्क कर टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत लाखों शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने का आग्रह किया जाएगा।
प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के प्रथम चरण में 12 जून 2026 को सभी राज्यों की राजधानियों में प्रभावी प्रेस कॉन्फ्रेंस तथा 18 जून 2026 को देशभर के जिला मुख्यालयों पर विशाल धरना-प्रदर्शन एवं जिला अधिकारियों के माध्यम से भारत के माननीय प्रधानमंत्री एवम् केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी को ज्ञापन कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए हैं । इन विशाल धरना, प्रदर्शन व ज्ञापन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षक समाज की भावनाएं एवं अपेक्षाएं सरकार और समाज के समक्ष प्रभावी रूप से पहुंची है। उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल धरना प्रदर्शन ज्ञापन कार्यक्रम सम्पन्न हुए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर संजय मेधावी ने बताया कि अब आंदोलन के द्वितीय चरण में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ "सांसद संपर्क एवं सांसद समर्थन अभियान" के निमित 5 जुलाई 2026 तक देश के सभी राज्य सभा व लोकसभा सांसदों से संपर्क कर उन्हें ज्ञापन सौंपकर टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत लाखों शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु उनका समर्थन प्राप्त करेगा।
प्रदेश अध्यक्ष प्राथमिक संवर्ग शिव शंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की दिनांक 27 जुलाई 2011 से पहले से सेवारत 2लाख से अधिक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवम् आजीविका पर संकट खड़ा हो गया। शिक्षकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने देगा।
प्रदेश महामंत्री प्राथमिक संवर्ग प्रदीप कुमार तिवारी* ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश पूरी शक्ति और गंभीरता के साथ प्रत्येक लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद से संपर्क कर उन्हें अवगत कराएगा कि टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत लाखों शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपना शिक्षक हित व उनकी सेवा सुरक्षा,मानवीय गरिमा, नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है।
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