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राष्ट्रीय शैक्षिक महांसघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) के प्रतिनिधिमंडल ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को सौंपा ज्ञापन


  • समायोजन में हुई गड़बड़ियों का जिले स्तर पर गठित समिति आपत्ति लेकर करेगी निराकरण
  • माध्यमिक की तरह बेसिक में भी शतप्रतिशत शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान की माँग पर सकारात्मक रुख
  • बिना सिम दिए कंपोजिट ग्रांट से रिचार्ज के रुपए काटने संबंधी वित्तीय अनियमितता की होगी जांच
लखनऊ। 14 जनवरी, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह के नेतृत्व में महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी से मिला और शिक्षकों की शिक्षकों के तीसरे चरण के समाजयोज में जिला स्तर पर हुई गड़बड़ियों से अवगत कराया जिसको महानिदेशक ने गंभीरता से लेते हुए जिला स्तर पर समायोजन हेतु गठित समिति के माध्यम से आपत्ति लेकर समाधान कराने का आश्वासन दिया।
     प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कहा कि मध्यमिक शत प्रतिशत शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान मिलता है परंतु बेसिक में केवल 20 प्रतिशत शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान मिलना उनके साथ अन्याय है। जिस पर महानिदेशक ने आश्वासन दिया कि उनका प्रयास रहेगा कि बेसिक में भी शत प्रतिशत शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान मिले। 
प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने बताया कि जिले स्तर पर कंपोजिट ग्रांट से सिम रिचार्ज के नाम पर रुपए काटने में गंभीर अनियमितताएं की गई हैं। अलग-अलग जिलों में 2500 से 4000 रुपए तक की कटौती की गई है। इसके साथ ही ऐसे विद्यालयों की कंपोजिट ग्रांट से भी कटौती कर ली गई है जहां विभाग द्वारा अभी तक सिम ही उपलब्ध नहीं कराए गए। जिस पर महानिदेशक ने समीक्षा के बाद जाँच कराने की बात कही।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल द्वार कई महत्वपूर्ण व लंबे समय से लंबित शिक्षक समस्याओं से भी अवगत कराया गया जिसमें परिषदीय विद्यालयों की संचालन अवधि एनईपी एवं आरटीई मानकों के अनुसार किये जाने, हॉफ डे लीव प्रदान किये जाने, प्रतिवर्ष 31 ई.एल. प्रदान किए जाने, अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण वरिष्ठता के आधार पर किये जाने, प्रतिवर्ष अन्त:जनपदीय स्थानातरण हेतु स्थाई नीति बनाने, अप्रैल 2005 के पूर्व के विज्ञापन से नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन देने, दुर्घटना या बीमारी से मृत्यु का बीमा कराने, प्रत्येक विद्यालय में प्र.अ. का पद सृजित करने, कक्षावार व विषयवार शिक्षक नियुक्त करने, पदोन्नति पर न्यूनतम 17140/18150 वेतनमान देने, गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, प्रतिकर अवकाश देने, शीतकालीन अवकाश में बी.एल.ओ. शिक्षकों से एस.आई.आर. कार्य के एवज में उपार्जित अवकाश देने, सामूहिक बीमा योजना एवं दुर्घटना बीमा कवर प्रदान करने, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा रसोइयों को सम्मानजनक मानदेय देने, संविदा कर्मियों द्वारा विद्यालय निरीक्षण पर रोक लगाने, तकनीकी कारणों से मासिक अटेंडेंस लॉक न कर पाने पर प्र.अ. को दोषी न माने जाने, प्रत्येक विद्यालय में विभागीय सूचनाओं के संग्रह व प्रेषण के लिए एक संविदा कर्मी की नियुक्ति करने, अवकाश तालिका से राष्ट्रीय पर्वों व जयंतियों को बाहर करने आदि माँगों को रखा गया। 
       महानिदेशक ने समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुनकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया है।
        प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशीय कोषाध्यक्ष नीलमणि शुक्ला, प्रदेश मंत्री डॉ. श्वेता, प्रदेश मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव मौजूद रहे।










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