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वाराणसी : राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (प्राथमिक संवर्ग) की नगर शाखा की इकाई का गठन संपन्न, अनुराधा सिंह अध्यक्ष, अनंत राय महामंत्री व तपन पांडेय बने संरक्षक



वाराणसी। 25 नवम्बर। प्रा० वि० नवाबगंज नगरक्षेत्र में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (प्राथमिक संवर्ग) जनपद वाराणसी के बैनर तले कोविड 19 के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आनलाइन शिक्षा कितनी प्रभावी और कितनी चुनौतीपूर्ण विषयक संगोष्ठी तथा नगरक्षेत्र में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की इकाई के गठन का कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद वाराणसी के जिला संयोजक शशांक कुमार पाण्डेय "शेखर" ने , संचालन तपन पाण्डेय ने तथा धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक सत्यप्रकाश पाल ने किया |

आज के उपरोक्त विषयक संगोष्ठी में अध्यक्ष के रूप में अपनी बात रखते हुए शशांक कुमार पाण्डेय "शेखर" ने कहा कि कोविड 19 ने सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों की शिक्षा का किया है क्योंकि आनलाइन शिक्षा का लाभ परिषदीय विद्यालयों के अस्सी प्रतिशत से ज्यादा छात्र बेहद गरीब परिवारों से होने एवं एंड्रायड मोबाइल न खरीद पाने के कारण नहीं उठा पा रहे हैं ऐसे में जब इतनी बड़ी संख्या में छात्र अपनी गरीबी के कारण आनलाइन शिक्षा से नहीं जुड़ सकते तो फिर आनलाइन शिक्षा औचित्यहीन हो जाती है इससे बेहतर यह होगा कि कोविड की गाइडलाइंस के साथ रोटेशन लागू करते हुए कक्षा शिक्षण को शुरू किया जाय जिससे सभी छात्रों को शिक्षा दिया जा सके |

शिक्षकों ने महासंघ को बताई समस्याएं, की निदान की मांग

आज के कार्यक्रम के दौरान नगर क्षेत्र से बड़ी संख्या में उपस्थित शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने महासंघ को अपनी निम्नलिखित समस्याओं से अवगत कराया---

(१) शिक्षकों ने बताया कि हम सभी अपने अधिकारियों का पूरा सम्मान करते हैं क्योंकि अधिकारी और शिक्षक एक दूसरे के पूरक हैं और जब तक दोनों में सम्मानजनक रिश्ते नहीं होंगे शिक्षा उन्नयन असंभव है परंतु कई बार ऐसा होता है कि शिक्षकों से खण्ड एवं जोन के कुछ शिक्षाधिकारियों द्वारा अपेक्षित  सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है जिससे शिक्षक काफी आहत होते हैं |कुछ शिक्षाधिकारी छात्रों के सामने ही तुम तड़ाक करके शिक्षकों को संबोधित करते हैं जिससे छात्रों के सामने हम शिक्षकों का मोरल डाउन होता है जबकि राज्य सरकार ने शासनादेश जारी करके सभी शिक्षाधिकारियों को निर्देश दे रखा है कि वे शिक्षकों से शिष्टाचार के साथ पेश आयें |

(२)शिक्षकों ने महासंघ को यह भी अवगत कराया कि मानव संपदा पोर्टल पर चाइल्ड केयर लीव एवं मेडिकल लीव एप्लाई करने के बावजूद खण्ड एवं जोन के कुछ शिक्षाधिकारी हम लोगों की छुट्टी को एप्रुवल देनें में बिना कारण लंबा समय लेते हैं जबकि ऐसी समस्या बीएसए कार्यालय से नहीं होती है |जब शिक्षक अपने छुट्टियों की स्वीकृति की देरी के लिए पूछताछ करता है तो उससे अनपेक्षित डिमांड की जाती है यही नहीं जब शिक्षक अपनी छुट्टी से वापस लौटकर विद्यालय ज्वाइन करने आता है तो उसे ज्वाइनिंग के लिए भी खण्ड एवं जोन के कुछ अधिकारियों द्वारा अकारण बिलंबित किया जाता है जिससे भ्रष्टाचार विहीन, पारदर्शी एवं पार्शियलिटी के बिना आनलाइन छुट्टी शिक्षकों को देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लाए गए मानव संपदा पोर्टल जैसी बेहतरीन व्यवस्था भी औचित्यहीन होती जा रही है एवं पूर्व की तरह शिक्षक शोषण एवं मानसिक यंत्रणा का शिकार हो रहा है |

(३) शिक्षकों ने महासंघ को यह भी अवगत कराया कि वह हर संभव प्रयास करता है कि विद्यालय एवं छात्रों के हित के लिए संभव हो सकने वाले संसाधन अपने स्तर से भी जुटाये लेकिन इधर महीनों से शिक्षकों पर अनपेक्षित दबाव डाला जा रहा है कि वह अपने वेतन से विद्यालय का कायाकल्प करे जिससे जहां जनपद में एक ग़लत परंपरा की शुरुआत हुई है वहीं तमाम शिक्षक बेहद मानसिक तनाव से ग्रसित हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि वे पहले से ही अपने खुद के मोबाइल और डाटा को सरकारी काम में खर्च कर रहे हैं और अब उनके ऊपर वेतन से विद्यालय में काम करने के लिए दबाव डाला जा रहा है जो अन्यायपूर्ण है। वाराणसी  जिले के शिक्षकों के लिए एक निहायत ही गलत परंपरा सेट हो रही है जिसे रोका जाना चाहिए |

नगर क्षेत्र की कार्यकारिणी का गठन भी हुआ सर्वसम्मति से

आज के कार्यक्रम में सर्वसम्मति से राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्राथमिक संवर्ग जनपद वाराणसी की नगरक्षेत्र इकाई का गठन किया गया जिसमें तपन पाण्डेय को संरक्षक, अनुराधा सिंह को अध्यक्ष,अनंत राय को महामंत्री,किरन शर्मा को कोषाध्यक्ष तथा सुमन पाण्डेय एवं अंजना त्रिपाठी को उपाध्यक्ष चुना गया |

अध्यक्ष चुने जाने के बाद अनुराधा सिंह जी ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत किसी तरह के भ्रष्टाचार का सामना नहीं करना पड़ा परंतु यदि हमारे शिक्षकों को ऐसी किसी समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है तो वह संबंधित खण्ड/जोन के अधिकारी से निश्चय ही इस विषय में वार्ता करके न्यायोचित समाधान निकालेंगी और यदि आवश्यक हुआ तो इसके लिए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी महोदय एवं अन्य अधिकारियों से मिलेंगी तथा हर परिस्थिति में अपने शिक्षक साथियों के साथ खड़ी रहेंगी |

महामंत्री चुने जाने पर अनंत राय जी ने कहा कि मैंने शिक्षा क्षेत्र में हमेशा अपना ईमानदार योगदान दिया है और मेरा मानना है कि शिक्षाधिकारी शिक्षक और छात्र एक दूसरे के पूरक हैं इनमें से किसी का भी आपसी सामंजस्य गड़बड़ायेगा तो उससे सुचारू रूप से शिक्षा व्यवस्था नहीं चल सकती ऐसे में महामंत्री के नाते मेरी पूरी कोशिश होगी की मैं शिक्षकों और छात्रों की जरूरतों आवश्यकताओं और अधिकारों की पूर्ति के लिए शिक्षकों छात्रों तथा शिक्षाधिकारियों के बीच की कड़ी बनूँगा जिससे शिक्षकों , छात्रों एवं शिक्षाधिकारियों के बीच स्वस्थ एवं सौहार्दपूर्ण संबंध बने |

आज के कार्यक्रम में जिला संयोजक शशांक कुमार पाण्डेय "शेखर",सह संयोजक सत्यप्रकाश पाल,आराजीलाइन्स ब्लाक के अध्यक्ष संजीव त्रिपाठी,प्रभाकर द्विवेदी,सपना बरनवाल,रेखा अग्रवाल, कृष्ण कुमार गुप्ता,तपन पांडेय, अनुराधा सिंह,अनंत राय, सुनीता पाण्डेय,मनीषा यादव,अंजना त्रिपाठी,सुमन पांडेय, जितेंद्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकायें उपस्थित थीं।



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